Recent News
| S.N. | Title | Detail | Date | Action |
|---|---|---|---|---|
| 1 | Jaivik Mulch | Jaivik Mulch | 2026-01-08 |
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| 2 | Thand se bachao | Thand se bachao | 2026-01-07 |
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| 3 | Use of Trichoderma | Use of Trichoderma | 2026-01-06 |
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| 4 | किसान दिवस-किसानों की समस्या का जल्द निस्तारण करे अधिकारी | किसान दिवस-किसानों की समस्या का जल्द निस्तारण करे अधिकारी | 2025-12-17 |
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| 5 | आम के बाग में बौर आने से पूर्व दिसम्बर में बाग का प्रबंधन | उत्तर भारत में आम की खेती के लिए दिसंबर का महीना बहुत महत्वपूर्ण होता है। इस समय का उचित प्रबंधन आने वाली फसल में अधिकतम पुष्पन (फूल आने) और उत्पादन सुनिश्चित करने में सहायक होता है। इस प्रक्रिया में जलवायु, पोषण, सिंचाई, कटाई छंटाई और रोग कीट प्रबंधन जैसे विभिन्न कारकों का ध्यान रखना आवश्यक है। कीटों जैसे बोरर और एफिड के प्रबंधन के लिए क्लोरपायरीफॉस @ 2 मिली/लीटर पानी का छिड़काव करें। दिसम्बर माह में बाग की बहुत हल्की जुताई करें और बाग से खरपतवार निकाल दें दिसंबर के महीने में पेड़ों की सूखी, रोगग्रस्त और अवांछित शाखाओं की कटाई-छटाई करें फूलों की संख्या बढ़ाने के लिए हार्मोन/ कृषि रसायन का उपयोग प्रभावी होता है जैसे, पोटेशियम नाइट्रेट (1%) का छिड़काव करें, | 2025-12-12 |
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| 6 | सर्दियों में अमरूद के बागों की करें देखभाल तो मिलेगी अच्छी फसल | भारत में सर्दियों का मौसम अमरूद की गुणवत्ता और मिठास को बढ़ाने के लिए सर्वोत्तम अवसर प्रदान करता है। किंतु इस समय फसल का वैज्ञानिक और समन्वित प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है। उचित किस्म का चयन, मृदा पोषण, संतुलित सिंचाई, जैविक खाद, कीट-रोग नियंत्रण, ठंढ से सुरक्षा और कटाई के बाद का समुचित प्रबंधन अपनाकर किसान न केवल अधिक पैदावार प्राप्त कर सकते हैं बल्कि बाजार में उच्च मूल्य भी अर्जित कर सकते हैं। अतः वैज्ञानिक दृष्टिकोण को अपनाने से अमरूद की सर्दियों की फसल किसानों के लिए एक आर्थिक वरदान सिद्ध हो सकती है । | 2025-12-01 |
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| 7 | बंजर हो रही जिले की धरती, मृदा में पोषक तत्व कम होने से विशेषज्ञ चिंतित | आज दिनांक 05/12/2025 को चन्द्र शेखर आजाद कृषि एवं प्रोद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केन्द्र, मोहनपुरा, कासगंज में विश्व मृदा दिवस "स्वस्थ शहरों के लिए स्वस्थ मिट्टी" विषय पर मनाया गया। इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला क़ृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्रा, मुख्य अतिथि के रूप में अध्यक्ष/प्रतिनिधि जिला सहकारी समिति श्री नरेश नंदन, प्रभारी कृषि विज्ञान केंद्र डॉ. प्रण वीर सिंह, एडीओ एजी श्री भगवान सहाय, एडीओ पीपी इंद्रवीर सिंह, प्रभारी मृदा परीक्षण प्रयोगशाला श्री आदित्य शर्मा एवं विषय वस्तु विशेषज्ञ के रूप में डॉ. अंकित सिंह भदौरिया, डॉ. रितेश कुमार, डॉ. अदिति दत्त, डॉ. गौरव वर्मा, डॉ. सुशील कुमार एवं डॉ. आकाश आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सभी ने मृदा की कृषि में उपयोगिता, मृदा परीक्षण, जैविक खेती एवं प्राकृतिक खेती इत्यादि महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला तथा मृदा की संपूर्ण जानकारी किसानों को उपलब्ध करायी। कार्यक्रम में किसानों ने काफी संख्या में उपस्थित होकर महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। | 2025-12-05 |
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| 8 | वैज्ञानिक समाधान को अपनाकर शिमला मिर्च को बैक्टीरियल विल्ट से बचाएं | शिमला मिर्च में बैक्टीरियल विल्ट एक चुनौतीपूर्ण लेकिन उचित स्मार्ट खेती तकनीकों से नियंत्रित किया जा सकने वाला रोग है। फसल चक्र, प्रतिरोधी किस्में, सौर निर्जलीकरण, जैविक नियंत्रण, स्वच्छता, स्मार्ट सिंचाई तथा वैज्ञानिक निगरानी आदि का समन्वय ही IPM की वास्तविक शक्ति है। समय पर कदम उठाकर किसान इस रोग के प्रभाव को कम कर सकते हैं और शिमला मिर्च की उत्पादकता में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित कर सकते हैं। | 2025-12-08 |
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| 9 | आलू में पछेती झुलसा रोग से किसान रहे सावधान | कृषि वैज्ञानिक के अनुसार, आलू की फसल में खरपतवार, कीट एवं रोग मिलकर लगभग 40–45% तक का नुकसान कर सकते हैं, जबकि लेट ब्लाइट अनुकूल परिस्थितियों में यह नुकसान 100% तक पहुँच सकता है। इसीलिए समय पर रोकथाम और सक्रिय प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है। | 2025-12-10 |
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| 10 | आलू का पछेती झुलसा (लेट ब्लाइट) रोग: थोड़ी लापरवाही-बड़ा नुकसान | पछेती झुलसा एक भयावह रोग है जो आलू उत्पादन को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। किंतु समय से उठाए गए कदम, वैज्ञानिक प्रबंधन और आधुनिक फफूंदनाशकों के सही उपयोग से इसे प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है। किसानों को याद रखना चाहिए-लेट ब्लाइट से लड़ाई में सबसे बड़ा हथियार-समय पर की गई कार्रवाई है। | 2025-12-06 |
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| 11 | 15 अगस्त, 2023 को 77 वें स्वतंत्रता दिवस शुभ अवसर पर, "मेरी माटी मेरा देश" , रैली , ध्वजारोहण, राष्ट्रगान, वृक्षारोपण एवम पौध वितरण कार्यक्रम | आज दिनांक 15 अगस्त, 2023 को 77वें स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र, मोहनपुरा कासगंज में "मेरी माटी मेरा देश" कार्यक्रम के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र, कासगंज के समस्त स्टाफ द्वारा छात्रों की स्वाधीनता रैली निकलवाने से कार्यक्रम की शुरुआत की। तदोपरांत ध्वजारोहण, राष्ट्रगान, मेरी माटी मेरा देश के संबंध में भाषण कार्यक्रम, वृक्षारोपण एवम पौध वितरण में 105 कृषकों को पौध वितरण किया गया। | 2023-08-17 |
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| 12 | विकास भवन सभागार, कासगंज में नैनो यूरिया एवम नैनो डीएपी तरल पर आधारित जनपद स्तरीय कार्यशाला | इफको, कासगंज द्वारा दिनांक 25/07/2023 को विकास भवन सभागार, कासगंज में नैनो यूरिया एवम नैनो डीएपी तरल पर आधारित जनपद स्तरीय कार्यशाला में प्रतिभाग किया तथा कृषि विज्ञान केंद्र, कासगंज के अध्यक्ष डॉ के के सिंह ने धान एवम खरीफ मौसम की फसलों में नैनो यूरिया एवम नैनो डीएपी का उपयोग एवम लाभ पर चर्चा की कार्यक्रम में केंद्र के वैज्ञानिक बृज विकाश सिंह ने श्री अन्न पर वार्ता की कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक सादर, कासगंज के साथ साथ मुख्य विकास अधिकारी, जिलाकृषि अधिकारी इत्यादि उपस्थित रहे | 2023-07-25 |
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| 13 | पंडित दीनदयाल उपाध्याय किसान कल्याण योजनान्तर्गत काली नदी परियोजना में ग्राम कानर के किसानों की खेत समतलीकरण मेढबंदी कार्य का निरीक्षण जिला कृषि अधिकारी एवम भूमि संरक्षण अधिकारी के साथ सम्पन्न किया | Dr शशि कांत के साथ साथ जिला कृषि अधिकारी, भूमि संरक्षण अधिकारी एवम कृषकों के साथ वार्ता | 2023-01-17 |
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